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Chatra की खबरें

चतरा : घरेलू विवाद में मां-बेटी को जिंदा जलाया, पति और सास पर लगा है आरोप

चतरा जिले से बेहद ही दर्दनाक घटना सामने आ रही है। यहां देर रात एक महिला और उसकी मासूम बेटी को जिंदा जला दिया गया है। बताया जा है कि मृतका महिला पति और सास ने ही घटना को अंजाम दिया है।

Palamu : मनरेगा जेई को 10 हजार रुपये घूस लेते ACB ने पकड़ा, कूप निर्माण के एवज में मांग रहा था रिश्वत

चतरा जिले में तैनात मनरेगा जेई को एसीबी की टीम ने रंगेहाथ घूस लेते पकड़ा है। जेई का नाम निजामुद्दीन अंसारी बताया जा रहा है, जिसको 10 हजार रुपये घूस लेते एसीबी ने पकड़ा है। जेई को पलामू एसीबी की टीम ने पकड़ा है। आरोपी को बिंड मोहल्ला इलाके से रंगे हाथों पक

सरकारी फर्जीवाड़ा : बेटे से महज 6 साल ही बड़ी है मां, चतरा में सामने आया फर्जीवाड़ा का सनसनीखेज मामला

चतरा जिले से फर्जीवाड़ा का एक अजीबो गरीब मामला सामने आया है। यहां एक स्कूल में मां और बेटा दोनों नौकरी कर रहे हैं। बेटा प्रधानाध्यापक है जबकि मां शिक्षिका है। सबसे बड़ी बात कि मां अपने बेटे से महज 6 साल की बड़ी है

क्राइम : नाराज पत्नी को ससुराल मनाने गया था युवक, लाठी-डंडे से पीट-पीटकर निर्मम हत्या 

एक युवक का अपनी पत्नी को ससुराल जाकर मनाना भारी पड़ गया। बताया जा रहा है कि युवक की पत्नी  घरेलू विवाद के बाद मायके गई थी। मामला चतरा जिले के नक्सल प्रभावित कुंदा थाना क्षेत्र के सोहरलाट गांव का है।

चतरा : मौलाना ने बच्ची के साथ किया हैवानियत भरा सुलूक, अगरबत्ती से जलाया पूरा शरीर

एक बच्ची के साथ एक मौलाना ने सारी हैवानियत की हदों को पार कर दिया। तबीयत ठीक करने के नाम पर बच्ची के साथ इस कदर दरिंदगी की कि बच्ची की स्थिति गंभीर हो गई है। जिसके बाद उसे रिम्स में भर्ती कराना पड़ा है।

चतरा : तिलक समारोह में दावत खाने के बाद 500 लोग हुए बीमार, 35 की हालत गंभीर

चतरा  में एक तिलक समारोह में दावत खाने के बाद कहा जा रहा है कि लगभग पांच सौ लोग बीमार हो गये हैं। मामला हंटरगंज प्रखंड के वशिष्ठनगर के पिपरपांती मोहल्ले का है।

चतरा : कब्रिस्तान और क्रिकेट को लेकर रणक्षेत्र बना मैदान, जमकर हुई पत्थरबाजी

इटखोरी थाना क्षेत्र के परसौनी  गांव में शनिवार को एक जमीन को लेकर दो पक्षों मे जमकर पत्थरबाजी हुई। स्थानीय पुलिस प्रशासन दखल के बाद विवाद शांत हुआ है। हालांकि, तनाव अभी भी कायम है। किसी को चोट नहीं आयी है। दरअसल परसौनी गांव में कब्रिस्तान तथा खेल मैदान को

चतरा: गांव की लाचारी सरकारी दावों को दिखा रही ठेंगा, ना पानी, ना बिजली! सड़क की भी सुविधा नहीं

आजादी के 73 साल बाद भी जब कई गांवों से पाषाण युग वाली तस्वीर सामने आती है तो मन व्यथीत हो जाता है। गांवों की बदहाल स्थिति देखकर सिस्टम की लाचारी और लापरवाही का पता चलता है। बातें तो आदर्श और स्मार्ट गांव की होती है लेकिन अब भी कई गांव वैसे हैं जहां जीवन ज

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